(सुनील पलसकर द्वारा)
अम्बिकापुर – उमरिया में एनआई वर्क के नाम पर कई यात्री ट्रेनों को 27 अगस्त से 5 सितम्बर तक के लिये रद्द कर दिया गया है। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि उमरिया में एनआई(नान इंटरलॉकिंग) वर्क का काम चल रहा है। जिसके चलते अम्बिकापुर से उमरिया होकर चलने वाली सभी गाड़ियो को 10 दिनों के लिये रद्द कर दिया गया है जिसकी मियाद बढ भी सकती है।
दिलचस्प तथ्य यह भी कि एमआई कार्य के कारण उमरिया होकर चलने वाली अधिकांष यात्री ट्रेनें जिनमें 30 से अधिक यात्री ट्रेनें है जिन्हें रद्द किया गया है वहीं ददाणी की कोयला लोड मालगाडियां दस-दस मिनटों में फैरे ले रही है। गौरतलब बात यह भी है कि पहले भी इस तरह के कार्य होते थे पर कुछ घण्टो या एक-दो दिनों में कार्यो को सम्पादित कर लिये जाते थे। परन्तु अब 10 दिनो या 15 दिनो या 1 से 2 महिनों तक यात्री ट्रेनो को रद्द करने पर भी न तो जनता न जनप्रतिनिधी और न जिम्मेदार अधिकारी इस पर कुछ बोलने के लिये तैयार है। यह जान कर और भी आष्चर्य होता है कि पहले एक या दो ही रेल्वे ट्रेक(लाइन) थी उस पर ही कार्यो को मैनेज किया जाता था। पर अब तो मालगाड़ियों के लिये तीसरा ट्रेक भी उपलब्ध है फिर भी समस्या बनी हुयी है।
तीन इंजनों से ढूलाई –
ददाणी गु्रप कोयला ढोने कितनी जल्दबाजी में है इसका पता इससे लगता है जब तीन-तीन इंजनो से मालगाड़ियों के खिचाई की जा रही है इन मालगाडियों के डिब्बो को गिनने में आप थक जायेगें पर ये खतम होने का नाम तक नही लेती।
विष्वस्त सूत्र बताते है कि भारतवर्ष के लोगों का एक ही टारगेट है वह है ददाणी ग्रुप को विष्व में धनियो की सूची में प्रथम स्थान पर देखना उसके लिये ही इतना प्रयास किया जा रहा है। इसमें सरगुजा के लोग जंगलो को बंजर बना कोयला खनन में लगे है। चाहे जमीन की तपिस से आने वाली पीडी सरगुजा की धरा में जीने लायक रहे या न रहे। लेकिन ददाणी ग्रुप दूनियां में अव्वल रहना चाहिये।






