अम्बिकापुर 16 अक्टूबर 2020/ वाणिज्य, उद्योग एवं वन विभाग के प्रमुख सचिव तथा जिले के प्रभारी सचिब श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने आज सर्किट हाउस में उद्योग, वन, कृषि, उद्यान, महिला एवं बाल विकास तथा आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की। श्री पिंगुआ ने कहा कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप सामुदायिक वनाधिकार पत्र तथा सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र के तहत ग्रामीणों को सामूहिक रूप से दिए जा रहे जमीन में व्यावसियक खेती के लिए 10 वर्ष के लिए एक मास्टर प्लान बनाये तथा किसानों को व्यावसायिक प्रोत्साहित करें। इन जमीनों में बड़े पैमाने पर जल्द उत्पादन देने वाले फलदार पेड़ लगवाएं ।इसके साथ ही पेड़ के बीच खाली जमीन में अदरक, हल्दी एवं तीखुर की खेती भी करायें ताकि पूरे जमीन का व्यवसयिक खेती के रूप में उपयोग हो सके।
प्रभारी सचिव ने कहा कि वनाधिकार पत्र देने से वनों पर वनवासियों का अधिकार तो मिलता ही है साथ मे वनों के संरक्षण की भी जिम्मेदारी मिलती है। वनों को संरक्षित रखते हुए अधिक से अधिक आय प्राप्त करने ग्रामीणों को जानकारी दें तथा आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण की भी व्यवस्था करें। व्यावसायिक खेती को वाणिज्यिक रूप देने के लिए उत्पाद का वैल्यू एडिशन कर फ़ूड प्रॉसेसिंग यूनिट से जोड़ने की कार्य योजना बनाएं। उद्यान विभाग तथा कृषि विभाग अगले वर्ष के लिए बड़े पैमाने पर पौधे की तैयारी करें।
प्रभारी सचिव ने संभाग में वनाधिकार पत्र वितरण में धीमी प्रगति पर नाखुशी जाहिर करते हुए कहा कि सरगुजा संभाग वनवासी बाहुल्य क्षेत्र है लेकिन वनाधिकार पत्र वितरण में प्रगति औसत है। वन अधिकार पत्र वितरण में सभी स्तर पर मॉनिटरिंग करे और प्रगति लाएं। किसी प्रकार की ढिलाई न आने दें। डीएफओ की जिम्मेदारी है कि वे जिलों में प्रगति लाएं। उन्होंने आवर्ती चराई योजना के तहत वन विभाग द्वारा बनाये जा रहे गोठानो कि समीक्षा करते हुए कहा कि जिले के लिए निर्धारित 66 गोठान निर्माण शीघ्र पूरा करें। जहां वन भूमि पर अतिक्रमण है उसे अतिक्रामको से मुक्त कराएं। उन्होंने कहा की अब वन विभाग को अपने परम्परागत सोच को बदलकर नवीन दिशा में कार्य करना होगा। ऐसे कार्ययोजना बनायें जो लोकोन्मुखी हो, लोगो पर केंद्रित हो।
श्री पिंगुआ ने गोधन न्याय योजना के तहत गोठानो में गोबर खरीदी तथा वर्मी कम्पोष्ट निर्माण की समीक्षा करते हुए कहा की वर्मी कम्पोष्ट खाद को किसानों तक आसानी से पहुंच हो इसकी सुचारू व्यवस्था करें। उन्होंने जिले में गिरदावरी कार्य की सराहना करते हुए कहा कि इस बार पारदर्शी तरीके से गिरदावारी की गई है।गिरदावारी में करीब 5 हजार हेक्टेयर का अंतर आया है। श्री पिंगुआ ने बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत कुपोषित बच्चो को दिए जाने वाले रेडी टू ईट एवं अंडा वितरण की ठीक से मॉनिटरिंग करें। प्रत्येक हितग्राही को सही मात्रा में सामग्री पहुंचना चाहिए।
बैठक में कमिश्नर सुश्री जिनेविवा किंडो, कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा, अपर कलेक्टर श्री ए एल ध्रुव, एसडीएम श्री अजय त्रिपाठी सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।






